अब कहानी सुरू होती है मेरी
में 5 साल की थी. मुझे भी मना किया गया, क्योंकि घर मे 4 बच्चे और चारो को पढ़ा नही सकते थे. क़्योंकि घर की स्तिथियाँ ऐसी थीं,कि घर मे 7 लोग थे.और मजदूरी करने बाले हमारे केवल पापा ,जो कि बहुत ही मुसकिल से घऱ को चला पाते थे.तो इसलिए मेरे माता पिता में केवल लड़को को पढ़ाने का सोचा क़्योंकि? जेसी उनकी जिंदगी थी वैसे बो लड़कों को नही देखना चाहते थे मेरे भाईयो का स्कूल में दाखिला करा दिया गया, और एक अध्यापक जी घर भी आते थे पढ़ाने के लिए और? जब वो पढ़ाते थे तब हम उनके बातें छुप छुप कर बहुत ही प्यार से सुना करती थी. फिर एक दिन उस मास्टर ने हमसे कुछ पढ़ाई के बारे में कुछ सवाल पूछा. तो मैने झटसे बता दिया यो . वो मास्टर जी को बहुत ही परभावित लगा तो मास्टर जी ने मेरा माता पिता को बुलाकर बोलै की आप इन बच्ची को कियो नही पढ़ा रही हो तो मेरा माता पिता का जबाब था? I was 5 years old. I was also denied, because 4 children and four could not be taught at home. Because the conditions of the house were such that there were 7 people in the house. And our only father, who used to work as a la...